CWC Meeting: कांग्रेस ने ठाना, मनरेगा को हर हाल में बचाएंगे – राहुल का केंद्र पर जोरदार प्रहार
नई दिल्ली। कांग्रेस की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली बॉडी, कांग्रेस वर्किंग कमिटी की मीटिंग आज दिल्ली में हुई और वहां से निकला संदेश साफ है – केंद्र सरकार की तरफ से मनरेगा को खत्म करने की कोशिश को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। CWC meeting के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने नए VB-G RAM G एक्ट को ‘राज्यों और गरीबों पर विनाशकारी हमला’ करार दिया और इसे 2016 की नोटबंदी से जोड़ा।
राहुल ने कहा कि ये फैसला प्रधानमंत्री ने अकेले लिया, बिना कैबिनेट से पूछे, बिना अध्ययन कराए – ठीक वैसे ही जैसे नोटबंदी हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऐलान किया कि 5 जनवरी 2026 से पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू होगा। ये मीटिंग सोनिया गांधी, राहुल गांधी, खड़गे समेत तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी में हुई और माहौल बेहद गंभीर था।
CWC Meeting में क्या-क्या हुआ? मुख्य बिंदु समझिए
CWC meeting आज सुबह से शाम तक चली। पार्टी के सबसे सीनियर लीडर्स ने एक साथ बैठकर मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। मुख्य फोकस रहा नए कानून पर, जो मनरेगा की जगह ले रहा है।
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- राहुल गांधी का हमला: VB-G RAM G एक्ट को ‘एकलौते व्यक्ति का शो’ बताया। कहा – ये गरीबों से पैसा छीनकर बड़े उद्योगपतियों को देने की साजिश है।
- खड़गे की घोषणा: 5 जनवरी से nationwide आंदोलन। मनरेगा को महात्मा गांधी का अपमान बताते हुए इसका पुरजोर विरोध।
- सोनिया गांधी की मौजूदगी: मनरेगा को यूपीए का फ्लैगशिप प्रोग्राम बताकर इसका बचाव किया।
- अन्य मुद्दे: आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति, बिहार हार का विश्लेषण और विपक्षी एकता पर बात।
CWC meeting से कांग्रेस ने साफ कर दिया कि मनरेगा सिर्फ एक स्कीम नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों का हक है। इसे खत्म करना संघीय ढांचे पर हमला है।
CWC Meeting: राहुल ने क्यों VB-G RAM G को नोटबंदी से जोड़ा?
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से समझाया कि मनरेगा सिर्फ रोजगार नहीं देता, बल्कि पंचायतों को मजबूत करता है, लोकल लेवल पर फैसले लेने की ताकत देता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पैसा डालता है। नए कानून से ये सब खत्म हो जाएगा।
- एकल फैसला: प्रधानमंत्री ने बिना कैबिनेट या राज्यों से सलाह लिए मनरेगा को खत्म किया – ठीक नोटबंदी की तरह।
- राज्यों पर हमला: पैसा और पावर दिल्ली से कंट्रोल होगा, राज्यों का हक छीना जाएगा।
- गरीबों का नुकसान: राइट्स बेस्ड गारंटी खत्म होकर ये चैरिटी जैसी स्कीम बन जाएगी।
- पंचायती राज कमजोर: लोकल डेमोक्रेसी को झटका, तीसरे स्तर की सरकार पर असर।
- महात्मा गांधी का अपमान: नाम से गांधीजी हटाना सीधी चुनौती।
CWC meeting में राहुल ने कहा कि ये कानून ग्रामीण भारत की रीढ़ तोड़ने वाला है। पहले किसान कानून वापस लिए गए, अब मनरेगा भी वापस लाना पड़ेगा।
VB-G RAM G एक्ट क्या है और मनरेगा से कैसे अलग?
हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में पास हुआ VB-G RAM G एक्ट मनरेगा की जगह लेगा। सरकार इसे अपग्रेड बताती है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि ये कमजोर वर्जन है।
मनरेगा में 100 दिन की गारंटीड नौकरी थी, डिमांड बेस्ड – मतलब मांग पर काम मिलना। नया कानून 125 दिन का वादा करता है लेकिन कई शर्तें जोड़ता है। फैसले दिल्ली से होंगे, राज्यों की भूमिका कम। कृषि सीजन में 60 दिन काम रोका जा सकता है। फंड शेयरिंग भी बदल रही है।
CWC meeting में कांग्रेस ने इसे ‘गरीब विरोधी’ करार दिया। कहा गया कि ये बड़े कारोबारियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश है।
CWC Meeting के बाद कांग्रेस की रणनीति क्या?
खड़गे ने साफ कहा – मनरेगा को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। पूरे विपक्ष को साथ लेकर लड़ाई लड़ी जाएगी।
- 5 जनवरी से गांव-गांव तक आंदोलन।
- धरने, रैलियां और जागरूकता अभियान।
- कानून को वापस लेने की मांग।
- अन्य विपक्षी दलों से समन्वय।
नेताओं ने शपथ ली कि ग्रामीण मजदूरों के हक की लड़ाई अंत तक लड़ी जाएगी।
CWC Meeting: राजनीतिक मायने क्या हैं?
ये मीटिंग सिर्फ मनरेगा तक सीमित नहीं रही। आने वाले सालों में कई राज्यों में चुनाव हैं। कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बनाकर ग्रामीण वोटरों तक पहुंचना चाहती है। बिहार हार के बाद पार्टी एकजुट दिखाने की कोशिश कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कांग्रेस इस मुद्दे पर विपक्ष को एकजुट कर पाई तो केंद्र के लिए बड़ी चुनौती होगी। CWC meeting ने पार्टी को नई ऊर्जा दी है।
दूसरी तरफ सरकार कहती है कि नया कानून ज्यादा दिन काम देगा और बेहतर होगा। लेकिन विपक्ष मानने को तैयार नहीं।
आगे क्या? मनरेगा की लड़ाई कहां तक जाएगी
CWC meeting से साफ है कि कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। 5 जनवरी से सड़कों पर उतरकर आंदोलन तेज होगा। राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया कि पूरी विपक्षी एकता इस मुद्दे पर होगी।
ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। लाखों मजदूरों का भविष्य दांव पर है। ये लड़ाई लंबी चलने वाली है।
(नोट: ये रिपोर्ट विश्वसनीय सूत्रों और प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आधारित है। राजनीतिक घटनाएं तेजी से बदलती हैं, नवीनतम अपडेट के लिए फॉलो करते रहें।)
FAQs: CWC Meeting और मनरेगा विवाद से जुड़े सवाल
1. CWC meeting में मुख्य मुद्दा क्या था?
VB-G RAM G एक्ट के खिलाफ रणनीति और 5 जनवरी से मनरेगा बचाओ अभियान की शुरुआत।
2. राहुल गांधी ने VB-G RAM G को नोटबंदी से क्यों जोड़ा?
क्योंकि दोनों फैसले प्रधानमंत्री ने अकेले लिए, बिना कैबिनेट या अध्ययन के, और गरीबों-राज्यों पर भारी असर।
3. मनरेगा बचाओ अभियान कब शुरू होगा?
5 जनवरी 2026 से पूरे देश में।
4. VB-G RAM G एक्ट में मनरेगा से क्या बड़ा बदलाव है?
राइट्स बेस्ड गारंटी खत्म, सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल, गांधीजी का नाम हटाना और कई शर्तें।
5. कांग्रेस इस मुद्दे पर विपक्षी दलों से क्या उम्मीद कर रही?
पूरी एकता, ताकि कानून वापस लिया जाए।





