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Nayara Energy ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, 5 रुपये और 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी कटौती

Nayara Energy पेट्रोल पंप पर पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता होने की जानकारी दिखाता हुआ न्यूज ग्राफिक

Nayara Energy ने पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया है। जानें नई कीमतें, वजह और सरकारी तेल कंपनियों का रुख।

Nayara Energy ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, दो साल में पहली बड़ी राहत

देश में निजी क्षेत्र की तेल कंपनी Nayara Energy ने 1 जुलाई से अपने पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती कर दी है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। यह कटौती देश भर में फैले कंपनी के 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि पिछले दो साल में यह किसी भी फ्यूल रिटेलर की तरफ से की गई सबसे बड़ी कीमत कटौती है, इसलिए आम उपभोक्ताओं के लिए यह खबर राहत भरी मानी जा रही है।

कितनी घटी कीमत, आपके शहर में क्या असर

Nayara Energy की तरफ से जारी नई दरों के मुताबिक दिल्ली में कंपनी के पंपों पर पेट्रोल अब 105.71 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.31 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। वहीं बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 105.93 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई, जो सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के मुकाबले करीब 5 रुपये सस्ती है। कंपनी ने साफ किया है कि राज्यों में लगने वाले वैट (VAT) की वजह से अलग-अलग शहरों में असली कीमत में थोड़ा बहुत अंतर रह सकता है, लेकिन कटौती का फायदा हर जगह के ग्राहकों को मिलेगा।

पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ कंपनी ने विमान ईंधन यानी एटीएफ (Aviation Turbine Fuel) की कीमत में भी 5 रुपये प्रति लीटर की कमी की है, जिससे एटीएफ अब 110 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है। इसका सीधा फायदा एविएशन सेक्टर को मिलेगा और आगे चलकर हवाई किराए पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

दाम घटने के पीछे की असली वजह

पिछले कुछ महीनों से पश्चिम एशिया (West Asia) में तनाव की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई थी, जिसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ा था, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात के जरिए पूरा करते हैं। इसी अस्थिरता के चलते मार्च महीने में Nayara Energy ने खुद पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया था। कुछ इलाकों में तो कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखी गई थी।

अब जब पश्चिम एशिया में तनाव कम हुआ है और अहम शिपिंग रूट फिर से खुल गए हैं, तो कच्चे तेल और एलएनजी की सप्लाई सामान्य होने लगी है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम नरम पड़े हैं, और Nayara Energy ने मार्च में की गई बढ़ोतरी का एक हिस्सा वापस लेते हुए यह कटौती की है।

कंपनी का कहना है कि हाल ही में उसकी वडिनार रिफाइनरी (गुजरात) में मेंटेनेंस का काम पूरा हुआ है, जिससे वह घरेलू मांग को बेहतर तरीके से पूरा करने की स्थिति में है। बता दें कि Nayara Energy में बड़ी हिस्सेदारी रूस की अगुवाई वाले Rosneft गुट की है, और कंपनी गुजरात में हर साल 2 करोड़ टन क्षमता वाली रिफाइनरी चलाती है।

सरकारी तेल कंपनियों ने अभी नहीं दी राहत

गौर करने वाली बात यह है कि यह कटौती फिलहाल सिर्फ Nayara Energy की तरफ से ही की गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने अभी तक अपने दामों में कोई बदलाव नहीं किया है और पुरानी दरों पर ही ईंधन बेच रही हैं। इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि क्रूड की ऊंची कीमतों के दौर में इन कंपनियों को हुए घाटे की भरपाई अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी का असर तुरंत उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहा।

ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या आने वाले दिनों में सरकारी कंपनियां भी अपने दाम घटाएंगी। फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बाजार जानकारों का मानना है कि निजी कंपनी की तरफ से हुई इस कटौती के बाद सरकारी कंपनियों पर भी दबाव बढ़ेगा।

एलपीजी और टैक्स में भी हुए बदलाव

इसी दिन एक और राहत की खबर सामने आई। सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बड़े शहरों में 183.5 रुपये तक की कटौती की है, जिसका सीधा फायदा होटल और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े लोगों को मिलेगा। हालांकि आम घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी घरेलू रसोई गैस के दाम पहले जैसे ही बने रहेंगे।

इसके अलावा केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स के ढांचे में भी बदलाव किया है। पेट्रोल एक्सपोर्ट पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) को 1.5 रुपये से बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल और एटीएफ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाकर क्रमशः 8.5 रुपये और 7.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।

आम आदमी को क्या फायदा होगा

रोजाना गाड़ी चलाने वालों, टैक्सी और ऑटो चालकों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों के लिए यह खबर सीधी राहत लेकर आई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी का असर सिर्फ ईंधन खर्च पर ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट लागत घटने की वजह से आने वाले समय में सब्जी, फल और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह कटौती फिलहाल सिर्फ Nayara Energy के पंपों तक सीमित है, इसलिए जिन इलाकों में कंपनी के पंप मौजूद नहीं हैं, वहां के उपभोक्ताओं को अभी पुरानी कीमतों पर ही ईंधन खरीदना होगा।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या सरकारी तेल कंपनियां भी इस राह पर चलती हैं और आम जनता को व्यापक स्तर पर राहत मिलती है, या फिर यह कटौती फिलहाल सिर्फ एक निजी कंपनी तक ही सीमित रहती है।

(नोट: पेट्रोल-डीजल की कीमतें राज्यवार वैट और स्थानीय टैक्स के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं। ताजा और सटीक कीमत के लिए अपने नजदीकी पंप पर जानकारी जरूर लें।)