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ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स पर सरकार का सख्त एक्शन

ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स हटाने का सरकारी आदेश दिखाता चित्र
ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने उन मोबाइल ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने का आदेश दिया है, जिनके जरिए बैटरी से चलने वाले वाहनों को दूर बैठे ही बंद किया जा रहा था। यह जानकारी पीटीआई न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से दी है। इस कार्रवाई से देशभर के लाखों ई-रिक्शा चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो कई दिनों से अपने वाहनों के अचानक बंद हो जाने की शिकायत कर रहे थे।

ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स पर सरकार का आदेश क्या है?

सूत्रों के मुताबिक, आईटी मंत्रालय ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों से बीएटी-बीएमएस ऐप को हटाने के लिए दोनों कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही लॉसिगी और एपॉक-आई-आयन नाम के दो अन्य ऐप्स को भी हटाने का आदेश दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन तीनों ऐप्स का दुरुपयोग बैटरी चालित वाहनों को रिमोटली डिसेबल करने में किया जा रहा था।

वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई सरकार

सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया, जिनमें दावा किया गया कि बीएटी-बीएमएस ऐप के जरिए कुछ ई-रिक्शा की बैटरी का डिस्चार्ज फंक्शन बंद कर वाहन को रोक दिया गया। कई चालकों ने आरोप लगाया कि उनका ई-रिक्शा अचानक सड़क के बीच में बंद हो गया, जिसके बाद उन्हें दूसरों की मदद से उसे दोबारा चालू कराना पड़ा।

कौन-कौन से ऐप्स हुए बैन

इस पूरे प्रकरण में तीन ऐप्स मुख्य रूप से चर्चा में रहे हैं:

  • BAT-BMS — ब्लूटूथ के जरिए बैटरी की निगरानी करने वाला ऐप
  • Lossigy — बैटरी मैनेजमेंट से जुड़ा एक और ऐप
  • Epoch-i-ion — इसी श्रेणी का तीसरा ऐप

चीनी कंपनी से जुड़ा है BAT-BMS ऐप

BAT-BMS ऐप चीन की कंपनी शेन्ज़ेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित किया गया एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ऐप है, जिसका मूल उद्देश्य ब्लूटूथ के जरिए लिथियम बैटरी की वोल्टेज और तापमान जैसी स्थितियों की निगरानी करना बताया गया था। लेकिन हाल के दिनों में इसी ऐप के रिमोट शटडाउन फीचर के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आईं।

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ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स का मामला सरकार तक कैसे पहुंचा?

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार को इन ऐप्स की जानकारी मिली, जिसके बाद मामले की जांच की गई और इन्हें ऐप स्टोर से हटाने का फैसला लिया गया। कृष्णन के अनुसार, ये ऐप गुरुवार को सरकार के संज्ञान में आए थे, जिसके तुरंत बाद इन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

ऐप स्टोर कंपनियों को भी दी गई हिदायत

सरकार ने सिर्फ ऐप हटाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी। सरकार ने ऐप स्टोर कंपनियों को भविष्य में इस तरह के संभावित रूप से खतरनाक ऐप्स को लेकर अधिक सतर्क रहने की सलाह भी दी है। कृष्णन ने यह बात शुक्रवार को सीआईआई साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान कही।

ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स के मामले की समयरेखा

तारीख/समयघटनाक्रम
गुरुवारसोशल मीडिया पर ई-रिक्शा रिमोट शटडाउन से जुड़े वीडियो वायरल
गुरुवार (उसी दिन)मामला सरकार के संज्ञान में आया
शुक्रवारआईटी मंत्रालय ने गूगल और एप्पल को ऐप हटाने के निर्देश जारी किए
शुक्रवारआईटी सचिव एस. कृष्णन ने सीआईआई समिट में जानकारी साझा की

दिल्ली सरकार ने भी शुरू की जांच

दिल्ली सरकार ने भी अपने परिवहन विभाग को बीएटी-बीएमएस ऐप की जांच करने और सोशल मीडिया पर सामने आए दावों की सत्यता जांचने के निर्देश दिए हैं। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन वायरल वीडियो और शिकायतों को देखते हुए अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • तीन ऐप्स — BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion — पर कार्रवाई हुई है
  • गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों को हटाने के निर्देश दिए गए
  • सूत्रों के मुताबिक, गलत इस्तेमाल हो रहे ऐसे किसी भी अन्य ऐप को भी भविष्य में ब्लॉक किया जाएगा
  • दिल्ली परिवहन विभाग स्वतंत्र रूप से मामले की जांच कर रहा है

विशेषज्ञों की राय

साइबर सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि इंटरनेट से जुड़े वाहन प्रबंधन सिस्टम (कनेक्टेड व्हीकल सिस्टम) की सुरक्षा जांच अनिवार्य होनी चाहिए, खासकर तब जब ऐसे सिस्टम विदेशी कंपनियों द्वारा विकसित किए गए हों। आईटी सचिव कृष्णन ने भी इस बात पर जोर दिया कि किसी भी ऐसे ऐप को लोगों तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिससे सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।

ई-रिक्शा चालकों और आम जनता पर असर

देशभर में लाखों ई-रिक्शा चालक रोजाना की कमाई के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं। वाहन के अचानक बंद हो जाने से न सिर्फ उनकी आय प्रभावित हो रही थी, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए थे। सरकार की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी और चालकों को राहत मिलेगी।

कनेक्टेड वाहनों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने इंटरनेट से जुड़े वाहन प्रबंधन प्रणालियों की साइबर सुरक्षा को लेकर व्यापक चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले हर सॉफ्टवेयर और ऐप की सुरक्षा जांच अनिवार्य किए जाने की जरूरत है।

ऐप स्टोर कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद ऐप्स की नियमित जांच करनी चाहिए, ताकि सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले ऐप्स समय रहते पकड़े जा सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स कौन-कौन से हैं?

सरकार के आदेश में मुख्य रूप से तीन ऐप्स का नाम सामने आया है — BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion।

2. सरकार ने यह कार्रवाई क्यों की?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया कि इन ऐप्स के जरिए ई-रिक्शा को रिमोट से बंद किया जा रहा था, जिसके बाद सरकार ने ऐप स्टोर से इन्हें हटाने का आदेश दिया।

3. क्या यह ऐप अब पूरी तरह बंद हो गया है?

सूत्रों के मुताबिक गूगल और एप्पल दोनों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं, हालांकि इसकी पूर्ण पुष्टि आधिकारिक तौर पर अभी सामने आना बाकी है।

4. क्या दिल्ली सरकार भी इस मामले की जांच कर रही है?

हां, दिल्ली परिवहन विभाग को इस मामले की स्वतंत्र जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

निष्कर्ष

ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स के मामले ने देश में कनेक्टेड वाहनों की साइबर सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। केंद्र सरकार की तेज कार्रवाई से फिलहाल राहत मिलती दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए वाहन सॉफ्टवेयर की सुरक्षा जांच को नीति का स्थायी हिस्सा बनाना जरूरी होगा। इस मामले से जुड़ी हर आधिकारिक अपडेट के लिए बने रहें।