मुख्य सामग्री पर जाएँ
बुधवार, 14 अक्टूबर 2026
पहली खबर
पहली खबर
ताजा हिंदी समाचार
ADSENSE AD (Mobile Banner)
ब्रेकिंग न्यूज़
जयपुर में रियल एस्टेट निवेश: 2026 में क्यों है यह सही समय  |  NEET Protest Violence Action: फर्जी छात्रों और दंगाइयों पर ताबड़तोड़ एक्शन, दिल्ली से बिहार तक पुलिस की बड़ी कार्रवाई  |  Haryana Weather Update 2026: हरियाणा में मानसूनी बारिश का अलर्ट, 9 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी  |  Pamela Serena Lock Upp 2: क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी को लेकर बड़ा खुलासा, बोलीं- ‘दोस्त से मिलती थी सीक्रेट टिप्स’  |  ZIM vs IND 2nd T20: सीरीज में बढ़त बनाने उतरेगी टीम इंडिया, हरारे में आज होगा मुकाबला
Home / भारत समाचार

23 Pakistani Terrorists Declared: UAPA के तहत बड़ी कार्रवाई

23 Pakistani Terrorists Declared - भारत सरकार का गृह मंत्रालय और UAPA अधिसूचना दस्तावेज़

23 Pakistani Terrorists Declared - भारत सरकार का गृह मंत्रालय और UAPA अधिसूचना दस्तावेज़

भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और सख्त करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। 23 Pakistani Terrorists Declared किए जाने की यह खबर शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना के साथ सामने आई। गृह मंत्रालय ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत 23 पाकिस्तान-आधारित व्यक्तियों को आतंकी घोषित किया है। यह फैसला जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से जुड़े नेटवर्क पर सीधी चोट माना जा रहा है, और इसे हाल के वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में शामिल किया जा रहा है।

23 Pakistani Terrorists Declared: सरकार ने क्या घोषणा की है?

गृह मंत्रालय ने 4 जुलाई 2026 को एक गजट अधिसूचना जारी करते हुए 23 व्यक्तियों के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए। इसके साथ ही कानून के तहत घोषित व्यक्तिगत आतंकियों की कुल संख्या 57 से बढ़कर 80 हो गई है।

मंत्रालय के मुताबिक इन सभी 23 लोगों को अलग-अलग अधिसूचनाओं के जरिए सूचीबद्ध किया गया, क्योंकि हर एक पर आतंकी गतिविधियों से जुड़े अलग-अलग आरोप हैं। 23 Pakistani Terrorists Declared किए जाने की इस कार्रवाई को गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बताया है।

गृह मंत्रालय के अनुसार इनमें से 17 पाकिस्तानी नागरिक हैं, जबकि 6 मूल रूप से भारतीय नागरिक हैं, लेकिन फिलहाल ये सभी पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।

उच्च शिक्षा से जुड़ी बड़ी नीतियों में भी इन दिनों कई बदलावों को लेकर चर्चा चल रही है। अगर आप छात्र, शिक्षक या विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, तो UGC New Rules 2026 Controversy से जुड़ी पूरी जानकारी भी जरूर पढ़ें।

UAPA क्या है?

गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA, 1967 में बना एक कानून है, जो सरकार को आतंकी गतिविधियों में शामिल संगठनों और व्यक्तियों पर कार्रवाई करने की शक्ति देता है। साल 2019 में इस कानून में संशोधन किया गया, जिसके बाद सरकार को व्यक्तिगत रूप से किसी इंसान को भी आतंकी घोषित करने का अधिकार मिला। इससे पहले यह शक्ति सिर्फ किसी संगठन को प्रतिबंधित करने तक सीमित थी।

सरकार ने इस बार धारा 35 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह फैसला लिया कि ये 23 लोग आतंकवाद और भारत की सुरक्षा व अखंडता के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हैं। किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने के बाद राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी यानी NIA उसकी संपत्ति जब्त कर सकती है, उसके फंडिंग स्रोतों पर रोक लगा सकती है और हथियारों की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगा सकती है।

कौन हैं ये घोषित आतंकी?

गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं में जिन नामों की पुष्टि हुई है, उनमें कई बड़े और पहले से चर्चित नाम शामिल हैं। इनमें से तीन लोग लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मुहम्मद सईद के करीबी सहयोगी बताए गए हैं, जबकि कई अन्य नामों को जम्मू-कश्मीर में हुए बड़े हमलों से जोड़ा गया है।

  • अब्दुल रऊफ – लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा से जुड़े वरिष्ठ सदस्य, हाफिज सईद के प्रत्यक्ष निर्देशन में सक्रिय बताए गए हैं।
  • हाफिज खालिद वलीद – जमात-उद-दावा नेटवर्क से जुड़े वरिष्ठ नेता, हाफिज सईद के करीबी सहयोगी।
  • राणा इफ्तिखार – युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने और समन्वय का आरोप।
  • मुफ्ती मुहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद – जैश-ए-मोहम्मद का लॉन्चिंग कमांडर, 2016 के नगरोटा सेना कैंप हमले के मास्टरमाइंड में से एक बताया गया।
  • मसूद इलियास कश्मीरी – जैश-ए-मोहम्मद का वरिष्ठ सदस्य, भर्ती-प्रशिक्षण और घुसपैठ में भूमिका, 2022 के सुंजवां हमले से जुड़ा नाम।
  • मोहम्मद मुसद्दिक उर्फ ‘डॉक्टर’ – जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य हैंडलर, ड्रोन से हथियार सप्लाई और सोशल मीडिया के जरिए भर्ती में शामिल, सुंजवां हमले से जुड़ा नाम।
  • मोहम्मद शाहिद फैसल – मूल रूप से बेंगलुरु के निवासी, अभी रावलपिंडी में सक्रिय, लश्कर, जैश, अल-कायदा और आईएसआईएस से संबंध बताए गए हैं।

इनके अलावा हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जिहादी, गुलाम फरीद, बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, हारून रशीद गनई, नज़ीर अहमद गुज्जर, ओवैस फारूक मीर, फिरदौस अहमद भट, अशफाक अहमद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की, वसीम नूर जाट, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ ताईबी और कारी याकूब शेख के नाम भी सूची में हैं।

गृह मंत्रालय के मुताबिक इनमें से 11 लोग मूल रूप से जम्मू-कश्मीर या पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर से जुड़े हैं, लेकिन अभी पाकिस्तान या PoJK में रहकर अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।

देशभर में शिक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ कई अन्य बड़ी ब्रेकिंग घटनाएं भी चर्चा में हैं। हाल ही में सामने आई Ajit Pawar Plane Crash Baramati Breaking News की पूरी रिपोर्ट भी पढ़ें।

यह कार्रवाई क्यों की गई?

गृह मंत्रालय के अनुसार इन सभी 23 लोगों की भूमिका आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, घुसपैठ, हथियारों की सप्लाई, फंडिंग जुटाने और जम्मू-कश्मीर में हमलों की साजिश रचने में रही है। कई नामों को नवंबर 2016 में नगरोटा सेना कैंप पर हुए हमले, जिसमें सात भारतीय जवान शहीद हुए थे, और अप्रैल 2022 में सुंजवां में सुरक्षा बलों पर हुए हमले से जोड़ा गया है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि कुछ आरोपी ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार और गोला-बारूद भेजने के नेटवर्क में शामिल रहे हैं, जबकि कुछ सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने का काम करते रहे हैं।

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसका क्या मतलब है?

किसी व्यक्ति को UAPA के तहत आतंकी घोषित करने का सबसे बड़ा असर यह होता है कि उसकी वित्तीय गतिविधियों पर सीधी नजर रखी जा सकती है। NIA जैसी एजेंसियां अब इन 23 लोगों की संपत्ति जब्त कर सकती हैं, उनके फंडिंग नेटवर्क को बाधित कर सकती हैं और हथियारों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा सकती हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इससे इन आतंकी नेटवर्कों के लिए सीमा पार से पैसा और हथियार भेजना पहले से मुश्किल हो जाएगा, हालांकि इसका पूरा असर आने वाले महीनों में ही स्पष्ट होगा।

सरकार का आधिकारिक बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि घोषित किए गए सभी आतंकी भारत विरोधी गतिविधियों, हमलों को अंजाम देने, आतंक फैलाने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी संगठनों की मदद, फंड जुटाने और नई भर्तियों में शामिल रहे हैं।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक अलग बयान में यह भी कहा गया कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रही है, और आतंकी ढांचे को हर स्तर पर तोड़ने की दिशा में लगातार काम जारी है।

विशेषज्ञों और नेताओं की प्रतिक्रिया

इस खबर के सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर स्वतंत्र रूप से किसी बड़े विपक्षी नेता या राजनीतिक दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हो पाई है। जैसे-जैसे अधिक जानकारी और बयान सामने आएंगे, उन्हें अपडेट किया जाएगा।

पाकिस्तान की तरफ से भी अभी तक इस घोषणा पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पाकिस्तान पहले भी भारत के ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है कि वह आतंकी संगठनों को समर्थन देता है।

अंतरराष्ट्रीय महत्व

लश्कर-ए-तैयबा को अमेरिका ने दिसंबर 2001 में ही विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर दिया था, और मई 2005 में संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया। ऐसे में भारत की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से मौजूद रुख के अनुरूप ही मानी जा रही है।

हाल की एक अमेरिकी रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई थी कि पाकिस्तान अब भी कुछ आतंकी समूहों के लिए, खासकर भारत को निशाना बनाने वाले संगठनों के लिए, एक तरह की ‘सुरक्षित पनाहगाह’ बना हुआ है। 23 Pakistani Terrorists Declared किए जाने का यह फैसला इसी पृष्ठभूमि में एक अहम कूटनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

आगे क्या होगा?

अब जब 23 Pakistani Terrorists Declared किए जा चुके हैं, आने वाले दिनों में NIA और अन्य एजेंसियां इनकी संपत्ति और फंडिंग नेटवर्क की पहचान कर उन्हें जब्त करने या रोकने की प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं। इसके अलावा राजनयिक स्तर पर भी भारत इन नामों को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सामने रखकर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर सकता है।

यह भी देखना होगा कि पाकिस्तान इस घोषणा पर आगे क्या रुख अपनाता है, और क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे लेकर कोई नई कार्रवाई या बयान सामने आता है।

निष्कर्ष

23 Pakistani Terrorists Declared करने का यह फैसला भारत की आतंकवाद-रोधी नीति में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि भारत सीमा पार से चल रही आतंकी गतिविधियों को लेकर किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। हालांकि इसका असल असर आने वाले महीनों में एजेंसियों की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. 23 Pakistani Terrorists Declared किए जाने का फैसला कब लिया गया?

यह फैसला 4 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय की गजट अधिसूचना के जरिए लिया गया, जिसमें 23 व्यक्तियों को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया गया।

2. किन संगठनों से जुड़े लोग इस सूची में हैं?

इस सूची में मुख्य रूप से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े व्यक्ति शामिल हैं।

3. आतंकी घोषित होने के बाद इन पर क्या असर पड़ता है?

इन व्यक्तियों की संपत्ति जब्त की जा सकती है, फंडिंग स्रोतों पर रोक लगाई जा सकती है और हथियारों की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

4. अब तक कुल कितने व्यक्ति UAPA के तहत आतंकी घोषित हैं?

इन 23 नए नामों के जुड़ने के बाद UAPA की चौथी अनुसूची के तहत घोषित व्यक्तिगत आतंकियों की कुल संख्या 80 हो गई है।

5. क्या पाकिस्तान ने इस घोषणा पर कोई प्रतिक्रिया दी है?

अभी तक पाकिस्तान की ओर से इस घोषणा पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ADSENSE AD (In-Article)
लेखक

Rakesh Kumar

"'पहली खबर' न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से देश, दुनिया और खेल जगत की हर सच्ची व सटीक रिपोर्ट आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। निष्पक्ष पत्रकारिता ही मेरी पहचान है।"

और खबरें पढ़ें ›