CJP प्रदर्शन फिर से क्यों शुरू हुआ
CJP प्रदर्शन की जड़ें नीट-यूजी परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों से जुड़ी हैं। छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया था, जिसकी वजह से पूरी राजधानी में हाई अलर्ट जैसे हालात बन गए थे। जंतर-मंतर से संसद तक जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने तीन लेयर की बैरिकेडिंग कर दी थी, और वज्र वाहन, आंसू गैस तथा भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
सोमवार की हिंसा के बाद क्या हुआ
सोमवार को मार्च के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया। पुलिस की तरफ से जारी बयान के अनुसार, कुछ उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पथराव किया, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। इस झड़प में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और करीब साठ प्रदर्शनकारी घायल हुए बताए जा रहे हैं। हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कई एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। हालांकि हटाए जाने के बावजूद, पार्टी अध्यक्ष अभिजीत दिपके शाम को केरल हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए थे, और मंगलवार सुबह समर्थक फिर से तय प्रदर्शन स्थल पर लौट आए, जहां फिलहाल करीब सौ लोग मौजूद हैं।
जेपी नड्डा और सरकार का रुख
CJP प्रदर्शन को लेकर सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा बातचीत की कमान संभाले हुए हैं। नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि बातचीत के जरिए ही समाधान निकाला जा सकता है। इससे पहले सीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा था। पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया है कि सरकार बातचीत के लिए सहमत हो गई है, हालांकि पार्टी ने साफ किया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, प्रदर्शन जारी रहेगा। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ घंटों लंबी बैठक भी की, जिससे साफ है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।
चंद्रशेखर आजाद का समर्थन
CJP प्रदर्शन को अब कई विपक्षी नेताओं का समर्थन भी मिल रहा है। सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में रातभर धरने पर बैठे रहे और उन्होंने सीजेपी मार्च के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, और इस मुद्दे पर संसद में भी आवाज उठाई जानी चाहिए।
सोनू सूद, भूमि पेडणेकर और रितेश देशमुख की प्रतिक्रिया
CJP प्रदर्शन को लेकर बॉलीवुड से भी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। सोनू सूद, भूमि पेडणेकर और रितेश देशमुख जैसे कलाकारों ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है, जिससे यह प्रदर्शन आम जनता के साथ-साथ सेलिब्रिटी सर्किल में भी चर्चा का विषय बन गया है। इनके बयानों ने प्रदर्शन को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है।
आगे क्या हो सकता है
फिलहाल यह साफ नहीं है कि CJP प्रदर्शन का अगला रुख क्या होगा। एक तरफ सरकार बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ पार्टी अपनी मांगों पर अड़ी हुई है। दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर पांच राज्यों के डीजीपी को पत्र भी लिखा है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस मुद्दे पर देशभर की निगाहें अब दिल्ली पर टिकी हैं।
अधिक ताजा खबरों और राजनीतिक अपडेट के लिए pahalikhabar.in की होमपेज पर बने रहें। इससे जुड़ी हमारी पिछली रिपोर्ट नीट-यूजी पेपर लीक मामला भी जरूर पढ़ें। ताजा अपडेट के लिए आजतक की रिपोर्ट भी देखें।