CJP प्रदर्शन सोमवार को कई बड़े मोड़ों से गुजरा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात हुई, इसी बीच पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनशन तोड़ दिया, लेकिन दूसरी तरफ पार्टी का दावा है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। दिनभर चले इस घटनाक्रम में जंतर-मंतर से शुरू हुआ प्रदर्शन संसद तक पहुंच गया और पुलिस को आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े।
नड्डा के आवास पर हुई 10 मिनट की मुलाकात, रखी गईं तीन मांगें
सोमवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात करीब 10 मिनट तक चली, जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से जुड़ा एक लिखित ज्ञापन सौंपा। इस CJP प्रदर्शन की तीन प्रमुख मांगें हैं – केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, नीट-यूजी पेपर लीक मामले से जुड़ी आत्महत्याओं के शिकार छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा, और सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा कर उनका अनशन खत्म कराना।
मुलाकात के बाद नड्डा ने कहा कि बातचीत का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की तरफ से आया था और चर्चा सुबह करीब पौने बारह बजे से शुरू हुई। हालांकि CJP नेताओं के मुताबिक नड्डा ने फिलहाल किसी मांग पर तत्काल फैसला या लिखित आश्वासन नहीं दिया, बल्कि सरकार और पार्टी नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से चर्चा करने की बात कही है।
अभिजीत दीपके ने तोड़ा अनशन, वांगचुक ने की थी अपील
इसी बीच CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे अपना अनशन समाप्त कर दिया। बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक के अनुरोध पर ही दीपके ने उपवास तोड़ा, ताकि वे आंदोलन को आगे जारी रखने की ताकत जुटा सकें। सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. आंगमो ने खुद दीपके को पानी और जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।
तो क्या सोनम वांगचुक अनशन अभी भी जारी है?
सोनम वांगचुक की सेहत और अनशन को लेकर स्थिति अब भी उलझी हुई है। एक तरफ खबरें आईं कि वांगचुक ने खुद भी अपना अनशन समाप्त कर CJP के संसद मार्च को समर्थन दिया है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन अभी खत्म नहीं हुआ है और अभिजीत दीपके व सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अब भी धरने पर डटी हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वांगचुक फिलहाल किसी हिरासत में नहीं हैं और उनकी सेहत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि वांगचुक की तरफ से अस्पताल प्रशासन को एक पत्र सौंपकर सभी से मिलने की इच्छा जताई गई है। स्थिति में लगातार बदलाव आ रहा है, इसलिए ताजा और पुख्ता जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट का इंतजार जरूरी है।
संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

सोमवार को CJP के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान माहौल गरमा गया। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से आगे बढ़ते हुए रेल भवन और संसद भवन के करीब तक पहुंच गए, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस पर पथराव करने का भी आरोप लगा। दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कई जवान घायल हुए और वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। दोपहर तक सुरक्षाबलों ने संसद भवन के आसपास से प्रदर्शनकारियों को हटाकर कनॉट प्लेस इलाके को भी खाली करा लिया।
इसी बीच CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, हालांकि पुलिस सूत्रों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि दीपके को हिरासत में नहीं लिया गया। दोनों तरफ के परस्पर विरोधी दावों के बीच दीपके की स्थिति को लेकर देर तक असमंजस बना रहा।
विपक्षी नेता भी पहुंचे समर्थन में
प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिलता दिखा। आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी और मनीष सिसोदिया जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मिले और सरकार से जल्द बातचीत कर मांगों पर फैसला लेने की अपील की। वहीं दिल्ली हाई कोर्ट भी सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि की याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है, जिससे इस मामले में एक और अहम कानूनी मोड़ आने की उम्मीद है।
कहां से शुरू हुआ था यह आंदोलन
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक 28 जून से नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। बिगड़ती सेहत के चलते उन्हें दिल्ली पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जिसके बाद यह मामला अदालत, सांसदों और अब सीधे केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। शिक्षा नीति और परीक्षा सुधार से जुड़ी सरकारी जानकारी के लिए शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट देखी जा सकती है।
फिलहाल CJP प्रदर्शन को लेकर स्थिति हर घंटे बदल रही है। अभिजीत दीपके का अनशन टूट चुका है, नड्डा से बातचीत हो चुकी है, लेकिन पार्टी की मुख्य मांगों पर अब तक कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले कुछ घंटों में इस आंदोलन को लेकर और बड़े अपडेट आने की उम्मीद है।
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