NEET Protest Action: देश में नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े प्रदर्शनों के बीच एक तरफ जहां संसद में तीखी बहस और हंगामा जारी है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों के आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाने, पुलिसकर्मियों पर हमले करने और सोशल मीडिया पर भ्रामक व अभद्र सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिल रहा है। दिल्ली से लेकर बिहार, पश्चिम बंगाल और असम तक पुलिस ने उपद्रवियों और फर्जी छात्रों पर ताबड़तोड़ क्रैकडाउन (Crackdown) शुरू कर दिया है।
वरिष्ठ पत्रकार और एंकर सुशांत सिन्हा के अनुसार, जिन छात्रों ने शांतिपूर्ण आंदोलन किया था, उन्होंने अपनी मांगें रखीं और सरकार भी उन पर सुधार व नए कानूनों के लिए तैयार है। लेकिन आंदोलन की आड़ में पीछे छुपकर दंगा भड़काने वाले, पुलिस की गाड़ियां तोड़ने वाले और मीडियाकर्मियों को निशाना बनाने वाले तत्वों का अब हिसाब किया जा रहा है। आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग राज्यों में NEET Protest Action के तहत क्या-क्या बड़ी कार्रवाइयां हुई हैं।
दिल्ली पुलिस का सोशल मीडिया पर क्रैकडाउन (Notices Sent)
NEET Protest Action के तहत सबसे पहला बड़ा कदम दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ उठाया है। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक, भ्रामक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले पोस्ट और वीडियो पर शिकंजा कसा गया है।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस: दिल्ली पुलिस की स्पेशल साइबर टीम लगातार सोशल मीडिया कंटेंट पर नज़र बनाए हुए है। पुलिस ने कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजकर भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो हटाने के निर्देश दिए हैं।
- हजारों पोस्ट्स रिमूव: पुलिस की सख्ती के बाद अधिकांश फ्लैग किए गए कमेंट्स, मीम्स और भड़काऊ वीडियो को प्लेटफॉर्म्स द्वारा हटा दिया गया है।
- नई लिस्ट तैयार: पुलिस की टीम रोजाना नए कंटेंट की जांच कर रही है और जैसे ही कोई नया आपत्तिजनक मटेरियल सामने आ रहा है, तुरंत नए नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
बिहार में दंगाइयों के पोस्टर जारी, पुलिसकर्मी भी सस्पेंड
बिहार में नीट प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस वैन पर हमलों को लेकर राज्य पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि छात्रों की आड़ में छिपे वास्तविक उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
| राज्य (State) | की गई कार्रवाई (NEET Protest Action Details) |
|---|---|
| दिल्ली (Delhi) | सोशल मीडिया भड़काऊ पोस्ट पर नोटिस, डिजिटल कंटेंट रिमूवल ड्राइव |
| बिहार (Bihar) | उपद्रवियों के फोटो-पोस्टर जारी, तेज प्रताप यादव हिरासत में, आरोपी पुलिसकर्मी सस्पेंड |
| पश्चिम बंगाल (West Bengal) | मीडिया से बदसलूकी करने वालों की बिना चप्पल परेड, फर्जी छात्र गिरफ्तार |
| असम (Assam) | SFI के 6 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, फॉरेन फंडिंग एंगल से जांच शुरू |
बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाइयां:
बिहार पुलिस ने उपद्रव करने वाले लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर चिपका दी हैं। इन तस्वीरों में दिख रहे ज्यादातर लोग छात्र न होकर अधेड़ उम्र के नज़र आ रहे हैं। इसके साथ ही:
- तेज प्रताप यादव पर कार्रवाई: प्रदर्शन के दौरान पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़काने के आरोपों में बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
- नियम तोड़ने वाले पुलिसकर्मियों पर भी एक्शन: सिर्फ प्रदर्शनकारियों पर ही नहीं, बल्कि ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है। AK-47 से फायरिंग का आरोप झेलने वाले पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं पैलेट गन इस्तेमाल करने वाले जवानों की भी जांच की जा रही है।
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बंगाल में नंगे पांव परेड और असम में फॉरेन फंडिंग एंगल
पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन के दौरान मीडियाकर्मियों से अभद्रता करने, उन्हें हैकल करने और पत्रकारों पर हमला करने वाले उपद्रवी को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को बिना चप्पलों के नंगे पांव सड़क पर परेड कराई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों को भी पुलिस वैन में ले जाते देखा गया है, जो किसी भी कोण से छात्र नहीं लग रहे थे।
असम में ग्रेटा थनबर्ग का टूलकिट और एसएफआई (SFI) पर जांच:
असम में पुलिस ने SFI (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के 6 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस आंदोलन के पीछे कोई विदेशी फंडिंग (Foreign Funding) तो नहीं काम कर रही थी?
“अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) के भारत में प्रदर्शनों के समर्थन में बयान देने के बाद विदेशी फंडिंग और टूलकिट (Toolkit) के एंगल को बल मिला है। पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि क्या देश में अस्थिरता फैलाने के लिए बाहर से साजिश रची जा रही है।”
विपक्ष का बदला गोलपोस्ट और राजनीति
पत्रकार सुशांत सिन्हा का कहना है कि जब सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में नीट मामले पर जांच, कड़े बिल और सुधार लाने के लिए तैयार है, तब भी संसद में विपक्ष द्वारा हंगामा किया जा रहा है।
पहले विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा था, लेकिन जब सरकार एक्शन में आई और सुधारों की बात करने लगी, तो विपक्ष ने अपना ‘गोलपोस्ट’ बदल दिया और अब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से माफी की मांग पर अड़ गए हैं। यह दिखाता है कि असली मकसद छात्रों की समस्याओं का समाधान करने से ज्यादा सरकार को झुकाने की राजनीति करना है।
निष्कर्ष (Conclusion)
NEET Protest Action से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन छात्रों के नाम पर दंगा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर पथराव करने और मीडिया का गला घोंटने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। पुलिस का यह चौतरफा क्रैकडाउन इस बात की गारंटी है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी दंगाई को बख्शा नहीं जाएगा।